टेक :— मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२,
Sri Satguru Bhajan Channel 🌹Naman Gurumukh Ji 🌹
Bhajan Versha
Date - 02/ January /2023 , Tuesday
*💐*ऐ मेरे प्राणं-प्यारें सतगुरु दाता जी*💐*
*नशा चढ़ें सतगुरु प्रेम का, बिसरें तन, मन, का भान,*
*सुख दुःख की चिन्ता नहीं, हर पल रहें सतगुरु का ध्यान,*
*सतगुरु तेरी मेरी प्रीतं पुरानी, शक की ना गुंजाइश है,*
*रखना हमेशा चरणों में ही, छोटी सी ये फरमाइश है,*💐*💐*💐*💐*💐*💐*💐*💐*💐*
टेक :— मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२,
जिसकें चरणों में,दुनियाँ झुकतीं,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,,
मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२,
1. अम्बर ढूँढ़ा,सागर ढूँढ़ा, गुरु सां कोई,अनमोल नहीं-२,
गुरु सें बढ़कें,स दुनियाँ में,दूजीं कोई,सौगात नहीं-२,
शायद मेरे अच्छे कर्म थें,सतगुरु तेरा प्यार मिला,
सतगुरु तेरा प्यार मिला,,
मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२,
जिसकें चरणों में,दुनियाँ झुकतीं,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,,
मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२,
2. अपने रंग में,रंग डालों,किसी ओर रंग की, चाह नहीं-२,
गुरु का प्यार पाकें प्यारें, दुनियाँ की मुझें, परवाह नहीं-२,
बड़भ मैनें, गुरु कों पाकें, रब्बं कों भी हैं, पा लिया,रब्बं कों भी हैं, पा लिया,,
मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२,
जिसकें चरणों में,दुनियाँ झुकतीं,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,,
मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२,
3. तेरे दर्शन कें नैन बावरें,आकें दर्शन दिया करों-२,
नैनों की ये खिड़की खोल कें,हर पल मुझसें मिला करों-२,
हर इक साँस में,हो तेरा सुमिरणं, बीतं जायें, जीवन मेरा,बीतं जायें, जीवन मेरा,,
मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२,
जिसकें चरणों में,दुनियाँ झुकतीं,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,,
मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२,
4. मैं अन्जान हूँ, कुछ भी ना जानूँ, हर घट की,तू पीड़ हरें-२,
मेरी भी अब पीड़ हरों,मुझें आकें गुरुजी लगाओं गलें-२,
इस निमाणीं की लाज रखों,कृपा करों,स्वीकार करों,मुझें गुरु,स्वीकार करों,,
मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२,
जिसकें चरणों में,दुनियाँ झुकतीं,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,,
मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२,
बोलो जयकारा
बोल मेरे श्री गुरुमहाराज जी की जय
🌹श्री सतगुरु देवाय नमः🌹
🌹सभी प्यारें गुरुमुखों को🌹
🌹सप्रेम जय गुरां दी जय सचिदानंद जी🌹
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