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टेक :- मुझकों वर दों सतगुरु प्यारें,दिन-रात तेरा गुणगान करुँ-२,..

🌹श्री सतगुरु देवाय नमः🌹 Bhajan Versha  तर्ज-दिल लूटनें वालें जादूगर,,,,,,..... टेक :- मुझकों वर दों सतगुरु प्यारें,दिन-रात तेरा गुणगान करुँ-२, आँखों में रहें तस्वीर तेरी,पल-पल प्रभु, तेरा ध्यान धरुँ-२, मुझकों वर दों सतगुरु प्यारें,दिन-रात तेरा गुणगान करुँ,आँखों में रहें तस्वीर तेरी,पल-पल प्रभु, तेरा ध्यान धरुँ,, 1. प्रभु अंध-कूप भवसागर सें,तुमनें ही मुझें बचाया हैं-२, प्रभु तुमनें ही किरपा करकें, परमार्थ पथ दर्शाया हैं-२, मेरा हाथ जों-२,थामा हैं सतगुरु, किस्मत पें ना कैसें मान करुँ-२, आँखों में रहें तस्वीर तेरी,पल-पल प्रभु, तेरा ध्यान धरुँ,, 2. तेरी प्यार भरीं सुंदर मूरतं, इक पल भी ना ओझल होती हैं-२, इक नज़र सें जाग उठें सुरतीं,जन्मों सें पड़ीं जों सोती हैं-२, दें दों मुझकों-२,आँखें लाखों, तेरे दर्शन का रसपान करुँ-२, आँखों में रहें तस्वीर तेरी,पल-पल प्रभु, तेरा ध्यान धरुँ,, 3. सुख सागर मालिक तुमनें ही,सुख का मारग दिखलाया हैं-२, सतगुरु प्यारें चहूंओर मेरे, तेरी रहमतं का ही तों साया हैं-२, जों कर्म-२,कमाया हैं मुझपर, तन-मन तुझपर कुरबान करुँ-२, आँखों में रहें तस्वीर तेरी,पल-पल प्रभु, ...

Sri Sarup banaya hai Sri darshan didar 🙏🙏

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                  Jai Sachidanand Ji                            SSDN             Sri Satguru Bhajan Channal Sri Darshan Didar of My Mindir Sri Gurumaharaji Virajman Mindir pic and sarup banaya hai Sri Gurumaharaji ka darshan kerlo ji   Sri Pancham Padshi Gurumaharaji Darshan of Sri Mindir  home .    Sri Sri 108 Sri Pratham Padshi Gurumaharaji                     Sarup banaya hai 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹   Sri Sri 108 Sri Ditaya Padshi Gurumaharaji               Sri Sarup Banaya hai 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹   Sri Sri 108 Sri Tritiya Padshi Gurumaharaji                    Sri Sarup banaya hai  🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 ...

टेक :– सोना मुखड़ा , प्रीतम दा सोना मुखड़ा , प्रीतम दा वांग मताब

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भजन संध्या  Date :- 29/ जुलाई  /2024 , सोमवार  टेक :– सोना मुखड़ा , प्रीतम दा सोना मुखड़ा , प्रीतम दा वांग मताब दिसदा ए। ; मिल्दे गुलशन अंदर , दिल दे  गुलशन अंदर __फूल गुलाब दिस्दा ए  प्रीतम दा सोना मुखड़ा;.... 1. सूरज अंदर ·तपश घनेरी हर जग रोशन करदा ;–२ इस मुखड़े की शीतल दाई देकेया हिल्दा ठहरडा.. मेरी जिंदगी दा कारण मेरी जिंदगी दा कारण हेहो जनाब दिसदाए, सोना मुखड़ा प्रीतम दा सोना मुखड़ा...... 2. दर्शन करके प्रीतम वाला , जग की सुद–बुध भुलगई; हृदय अंदर जाके देखो ,प्रेम की तकड़ी खुलगई,, ये जग सारा , मेनू वांग कबाब दिसदाए,, सोना मुखड़ा प्रीतम दा सोना मुखड़ा....... 3. इक – इक रोम चमकता है ने ,जो सूरज दीया किरणना ,  दर्शन कर मन मस्त होमदा , रह गया टूरना –फिरना ,,,, ये सुख विशिया वाला वाग जवाब दिसदाए,,,, सोना मुखड़ा प्रीतम दा सोना मुखड़ा,..... 4. दास कहे सतगुरु दा मेरा ..रिश्ता हो गया पक्का, धर्मराज जब लेखा मांगसी होसी हाका – बका; -2  देखा उसदा- मेरा -3 लेखा मेरा साफ हिसाब दिसदाए,,, सोना मुखड़ा प्रीतम दा सोना मुखड़ा....... 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺...

टेक :— मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२,

Sri Satguru Bhajan Channel 🌹Naman Gurumukh Ji 🌹               Bhajan Versha Date - 02/ January /2023 , Tuesday  *💐*ऐ मेरे प्राणं-प्यारें सतगुरु दाता जी*💐* *नशा चढ़ें सतगुरु प्रेम का, बिसरें तन, मन, का भान,* *सुख दुःख की चिन्ता नहीं, हर पल रहें सतगुरु का ध्यान,* *सतगुरु तेरी मेरी प्रीतं पुरानी, शक की ना गुंजाइश है,* *रखना हमेशा चरणों में ही, छोटी सी ये फरमाइश है,*💐*💐*💐*💐*💐*💐*💐*💐*💐* टेक :— मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२, जिसकें चरणों में,दुनियाँ झुकतीं,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,, मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२, 1. अम्बर ढूँढ़ा,सागर ढूँढ़ा, गुरु सां कोई,अनमोल नहीं-२, गुरु सें बढ़कें,स दुनियाँ में,दूजीं कोई,सौगात नहीं-२, शायद मेरे अच्छे कर्म थें,सतगुरु तेरा प्यार मिला, सतगुरु तेरा प्यार मिला,, मुझें इतना प्यारा गुरु मिला,गुरु का, सोहणां दरबार मिला-२, जिसकें चरणों में,दुनियाँ झुकतीं,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,मुझें वों अनमोल, मोती मिला,, मुझें इतना प्यारा गुरु मिला...

टेक - श्री आरती पूजा होती हैं जिस घर में,मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ-२,

तारन हार भी तू . .पालन हार भी तू . . जीवन सागर मझधार भी तू , पतवार भी तू , .खैवन हार भी तू , मैं क्या हुँ .? .? .?कुछ भी नहीं ''सतगुरु '' मेरा सब कुछ तू ही तू !..🌹🌹 टेक - श्री आरती पूजा होती हैं जिस घर में, मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ-२, सच्चे नाम की ज्योति जलती हैं जिस घर में, मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ-२, 1. जो भी नियम से आरती करते हैं,  सतगुरु झोली उनकी भरते हैं-२, ऐसी झोली भरते सतगुरु, थौड़ कभी ना आये, मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ-२, 2. नाम देता सदा हैं ठन्ड़ी हवा,  नाम सारे दुखों की हैं एक दवा-२, जोभी नाम ये जपता हैं,सदा ही खुश वो रहता हैं,  ‎मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ-२, 3.सतगुरु कितनी ऊँची शक्ति हैं,  जो भी आये चढ़ती मस्ती हैं-२, ऐसी मस्ती चढ़ जाये फिर,होश कभी ना आये, मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ-२, 4. सतगुरु जहाँ जहाँ चरणं छुआते हैं, वो भवसागर पार लगाते हैं-२, भवसागर से पार करायें, और जन्म ना आये, मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ-२, 5. इनकी चौखट पर सर रख दीजिए, इनसे प्रेम प्याला पी लीजिए-२, नाम प्याला ऐसा जिससे, प्रेमी मस्त हो जायें, मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ-२, 6.जो प्रेम से भोग लगात...

टेक - मेरे हाराँवालें नें, दुनियाँ नूँ तारयाँ,मेरे नंगलीं वालें नें, दुनियाँ नूँ तारयाँ-२,

🌹🙏*ऐ मेरे प्यारें नंगलीं वालें गुरु जी*🙏🌹 *पकडो मेरी बाँह प्रभु, कहीं मैं खों ना जाऊंँ,* *सुख में रहकर तुझकों, कहीं भूल ना जाऊंँ,* *सतगुरु तेरे चरणों में रहूँ, मुझें अपना जान,* *स्वांँसों की माला सें मैं, सिमरू तेरा ही नाम,*🌹 टेक - मेरे हाराँवालें नें, दुनियाँ नूँ तारयाँ, मेरे नंगलीं वालें नें, दुनियाँ नूँ तारयाँ-२, जग विच आकें जदों,फेरा तूसाँ मारयाँ, मेरे हाराँवालें नें, दुनियाँ नूँ तारयाँ,, 1. माते श्री राधे जी दीं,अँखियाँ दां तारा हैं-२, पिता गुरुदयाल जी दीं,कुल दां सितारा हैं-२, सोहणीं बहन भावाँ जी दें-२,वीर प्यारेयाँ,, मेरे हाराँवालें नें, दुनियाँ नूँ तारयाँ-२,, 2. असीं रातों जदों तेरे,भक्ताँ पुकारयाँ-२, थानेदार दां सीं, रुप तूसाँ धारयाँ-२, करीं किरपा तूसाँ-२,अपना बना लया,, मेरे हाराँवालें नें, दुनियाँ नूँ तारयाँ-२, मेरे सतगुरु प्यारें नें, दुनियाँ नूँ तारयाँ-२,, 3. रलमिल खुशियाँ, मनाणं आज संगता-२, तेरे तों वारीं-वारीं, आज जाणं संगता-२, संगता दें तारणं-कारणं-२,सन्त-रुप धारयाँ,, मेरे हाराँवालें नें, दुनियाँ नूँ तारयाँ-२, 4. दासनदासीं अज तेरे,गुणं पयीं गाँवदीं-२, तेरे तों हाराँ...

टेक :– तुम हमारे थे प्रभु जी, तुम हमारे हो..तुम हमारे ही रहोगे,ओ मेरे प्रीतम -२,

🌹भजन कीर्तन 🌹 श्री सतगुरु भजन चैनल टेक :– तुम हमारे थे प्रभु जी, तुम हमारे हो.. तुम हमारे ही रहोगे,ओ मेरे प्रीतम -२, हम तुम्हारे थे प्रभु जी,हम तुम्हारे हैं .. हम तुम्हारे ही रहेंगे,ओ मेरे प्रियतम-२, 1. तुम्हें छोड़ सुन नंद दुलारे,कोई ना मीत हमारो-२, किसके द्वारा जाए पुकारे,और ना कोई सहारो-२, अब तो आके बांह पकड़ लो,ओ मेरे प्रीतम..... तुम हमारे थे प्रभु जी, तुम हमारे हो.. तुम हमारे ही रहोगे,ओ मेरे प्रीतम -२, हम तुम्हारे थे प्रभु जी,हम तुम्हारे हैं .. हम तुम्हारे ही रहेंगे,ओ मेरे प्रियतम-२, 2. तेरे कारण सब जग छोड़ा,तुम संग नाता जोड़ा-२, एक बार प्रभु हंसकर कह दो,तू मेरा मैं तेरा-२, साची प्रीत की रीत निभा दो,ओ मेरे प्रियतम... तुम हमारे थे प्रभु जी, तुम हमारे हो.. तुम हमारे ही रहोगे,ओ मेरे प्रीतम -२, हम तुम्हारे थे प्रभु जी,हम तुम्हारे हैं .. हम तुम्हारे ही रहेंगे,ओ मेरे प्रियतम-२, 3. दासी की विनती सुन ली जो, हो ब्रज राज दुलारे-२, आखिरी आस यही जीवन की,पूर्ण करना प्यारे-२, एक बार हृदय से लगा लो,ओ मेरे प्रियतम.... तुम हमारे थे प्रभु जी, तुम हमारे हो.. तुम हमारे ही रहोगे,ओ मेरे प्रीतम -२, हम...