टेक :– सोना मुखड़ा , प्रीतम दा सोना मुखड़ा , प्रीतम दा वांग मताब
भजन संध्या
Date :- 29/ जुलाई /2024 , सोमवार
टेक :– सोना मुखड़ा , प्रीतम दा सोना मुखड़ा , प्रीतम दा वांग मताब
दिसदा ए। ; मिल्दे गुलशन अंदर , दिल दे
गुलशन अंदर __फूल गुलाब दिस्दा ए
प्रीतम दा सोना मुखड़ा;....
1. सूरज अंदर ·तपश घनेरी हर जग रोशन करदा ;–२ इस मुखड़े की शीतल दाई देकेया हिल्दा ठहरडा..
मेरी जिंदगी दा कारण मेरी जिंदगी दा कारण हेहो जनाब दिसदाए, सोना मुखड़ा प्रीतम दा सोना मुखड़ा......
2. दर्शन करके प्रीतम वाला , जग की सुद–बुध भुलगई; हृदय अंदर जाके देखो ,प्रेम की तकड़ी खुलगई,,
ये जग सारा , मेनू वांग कबाब दिसदाए,, सोना मुखड़ा प्रीतम दा सोना मुखड़ा.......
3. इक – इक रोम चमकता है ने ,जो सूरज दीया किरणना ,
दर्शन कर मन मस्त होमदा , रह गया टूरना –फिरना ,,,,
ये सुख विशिया वाला वाग जवाब दिसदाए,,,, सोना मुखड़ा प्रीतम दा सोना मुखड़ा,.....
4. दास कहे सतगुरु दा मेरा ..रिश्ता हो गया पक्का, धर्मराज जब लेखा मांगसी होसी हाका – बका; -2
देखा उसदा- मेरा -3 लेखा मेरा साफ हिसाब दिसदाए,,, सोना मुखड़ा प्रीतम दा सोना मुखड़ा.......
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Bolo Jai Kara Bol Mere Sri Gurumaharaji ki Jai
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