पिछलें जन्म कें कर्मो सें, सतगुरु का संग मिलें-२,
🌹श्री सतगुरु देवाय नमः🌹
🌹*ऐ मेरे सतगुरु दीनदयाल प्रभु जी*🌹💐
*कितने किये तूनें एहसान हम पर, किन-किन कों गिनाऊँ,*
*तेरी किरपा कों कर सकें बयांँ, मैं वों शब्द कहाँ सें लाऊँ,*
*तेरी सेवा भक्ति में बीतें जीवन, यही आशीष तुझसें पाऊँ,*
*यूँही रखना अपनी कृपा मुझपें, तेरे चरणों में हरपल शीश नवाऊँ,*👏💐💐🌹🌹🌷🌷👏
Bhajan
तर्ज-मिलती हैं जिंदगी में,मोहब्बत कभी-कभी,
टेक :- पिछलें जन्म कें कर्मो सें, सतगुरु का संग मिलें-२,
वों हैं नसीबों वाला,ये सतगुरु जिसें मिलें-२,
पिछलें जन्म कें कर्मो सें, सतगुरु का संग मिलें-२,,
1. जन्मों सें भटकनें कें बाद,मानुष-जन्म मिलें-२,
सतगुरु करें जों किरपा तों,जीवन सफल बनें-२,
वों हैं नसीबों वाला,ये सतगुरु जिसें मिलें-२,
पिछलें जन्म कें कर्मो सें, सतगुरु का संग मिलें-२,,
2. मानुष-जन्म मिला हैं तों,सतगुरु सें नाम लों-२,
सतगुरु करें जों किरपा तों,शब्द का नाम मिलें-२,
वों हैं नसीबों वाला,ये सतगुरु जिसें मिलें-२,
पिछलें जन्म कें कर्मो सें, सतगुरु का संग मिलें-२,,
3. माया हैं ऐसीं मोहनीं,सबकों हैं फाँसती-२,
सतगुरु करें जों किरपा तों,माया ना फिर चलें-२,
वों हैं नसीबों वाला,ये सतगुरु जिसें मिलें-२,
पिछलें जन्म कें कर्मो सें, सतगुरु का संग मिलें-२,,
4. सतगुरु बड़ें दयालु हैं, अवगुण ना देखतें-२,
आओं इनकीं शरणं में तों,दिल में दीयाँ जलें-२,
वों हैं नसीबों वाला,ये सतगुरु जिसें मिलें-२,
पिछलें जन्म कें कर्मो सें, सतगुरु का संग मिलें-२,,
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
बोलो जयकारा
बोल मेरे श्री गुरुमहाराज जी की जय
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
Comments