जदों मन डोले तेरा,गुरां नूँ याद करया कर-३,

Jai Sachidanand Ji

 Bhajan 

  टेक :-  जदों मन डोले तेरा,गुरां नूँ याद करया कर-३,

1. संत्संग-सेवा-सुमिरन रुपी, मिलया सुन्दर मौकां,
छड़के इस मौके नूँ बन्दया,खा ना जाँवीं धोखा,
बुरे कर्मों च लग करके, ना मौकां बरबाद करया कर,जदों मन-२,

2. ऊबड़-खाबड़ रस्ते जग दे,ठोकर ना खा जावीं,
दुखदाई इस दुनियाँ दे विच,वेखी दिल ना  लगावीं,
गुरां दी शरणीं लगके,तू दिल नूँ शांत करया कर,
जदों मन-२,

3. सुख-दुख दे झूले विच रखना,हैं दुनियाँ दी रीत,
हर हालत विच बनीं रहवे,दाता तेरे चरणां विच प्रीत,
शीश चरणां विच धरके, एहो फरियाद करया कर,जदों मन-२,

4. प्रभु-कृपा जे पाणीं बन जा,गुरु-चरणां दा किंकर, 
अंग-संग समझ गुरां नूँ बसाके,
मन-मन्दिर दे अन्दर, 
मन दी सूनी-बस्ती,सदा आबाद करया कर,
जदों मन-२,

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बोलो जयकारा
बोल मेरे श्री गुरुमहाराज जी की जय
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