टेक :- कितना प्यारां नकशा,कितनी सुन्दर रचना-२,
💞 Anandpur Dham Bhajan's 💞
Jai Sachidanand Ji
तर्ज-कितना हसीन चेहरा,कितनी प्यारीं आँखें,
टेक :- कितना प्यारां नकशा,कितनी सुन्दर रचना-२,
कितनी सुन्दर रचना रचीं,इसपें जायें बलिहार,
सतगुरु नें बनाया हैं,ये श्री आनंदपुर दरबार-२,
1. जग में दरबार,और भी हैं,पर इस दर,जैसा कोई नहीं-२,
देखें जो,हैरान हो जाये,और साथ प्रभु कें गुणं गायें,
इस दर पें,भक्ति मिलती,इस दर पें,शक्ति मिलती-२,
इस दर पें,हैं सेवा और भक्ति कें भण्डार,
सतगुरु नें बनाया हैं,ये श्री आनंदपुर दरबार-२,
कितना प्यारां नकशा,कितनी सुन्दर रचना-२,
कितनी सुन्दर रचना रचीं,इसपें जायें बलिहार,
सतगुरु नें बनाया हैं,ये श्री आनंदपुर दरबार-२,
2. दरबार में प्यारां,आनंद सरोवर,जिसकें घेरे में हैं बनें श्री मन्दिर-२,
ये धरती तों इठलाती हैं,हाँ,फुलें ये ना समाँतीं हैं-२,
श्री मन्दिर में जब जायें,जाकर श्री दर्शन पायें-२,
श्री दर्शन करतें हीं,सर,झुक जायें बारम्बार,
सतगुरु नें बनाया हैं,ये श्री आनंदपुर दरबार-२,
कितना प्यारां नकशा,कितनी सुन्दर रचना-२,
कितनी सुन्दर रचना रचीं,इसपें जायें बलिहार,
सतगुरु नें बनाया हैं,ये श्री आनंदपुर दरबार-२,
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बोलो जयकारा बोल मेरे श्री गुरुमहाराज जी की जय🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
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